STORYMIRROR

आकाश चाहता बेपनाह मदद जीवन सा फासले बुझा मन दीपक मानव बुरा बेजान कुछ घर माज़ी हाल हिन्दी कविता बंधन खफा

Hindi कुछ बुझा बुझा सा Poems